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खानवेल में नारी शक्ति का भव्य महिला सम्मेलन, 33% आरक्षण पर जोर महिलाओं ने दिखाई एकता और आत्मविश्वास

Silvassa / Amit Singh

आज खानवेल में आयोजित भव्य महिला सम्मेलन में नारी शक्ति का अद्भुत उत्साह और एकजुटता देखने को मिली। इस अवसर पर महिलाओं ने देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लागू किए गए ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम (33% महिला आरक्षण) को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करवाने का संकल्प लिया।

   

कार्यक्रम में महिला मोर्चा दमन, दीव, दादरा एवं नगर हवेली की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर महिला मोर्चा दमन, दीव, दादरा एवं नगर हवेली की जिला पंचायत अध्यक्ष निशा भावर की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष विनय गिंबल, सिलवासा नगर पालिका की उपाध्यक्ष कविता भंडारी, खानवेल के सरपंच मारिया भाई सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

   

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह पहल महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया गया।

   

इस अवसर पर महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों ने सभी का मन मोह लिया। एक महिला, जो कई वर्षों से ऑटो चलाकर आत्मनिर्भर बनी हुई हैं, ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की। वहीं खानवेल की एक आदिवासी महिला, जो सब्जी बेचकर और नाश्ते के स्टॉल लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, ने गर्व के साथ बताया कि आज उन्हें एक महिला होने पर विशेष सम्मान और आत्मविश्वास महसूस हो रहा है।

   

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा सभी महिलाओं का सम्मान किया गया और उन्हें समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के प्रति जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।

 

सम्मेलन में आदिवासी संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जहां पारंपरिक तारपा डांस और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी कला व संस्कृति का प्रदर्शन किया।
पूरा कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और एक मजबूत समाज के निर्माण का संदेश देता नजर आया। यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण बना कि आज की नारी न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

 

 

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