सिलवासा के अटल भवन में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती श्रद्धा, सम्मान और दीपोत्सव के साथ मनाई गई
सिलवासा


सिलवासा स्थित अटल भवन में आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान अटल जी की स्मृति में 251 दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे पूरा अटल भवन दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। दीप प्रज्वलन के माध्यम से उनके विचारों, राष्ट्रवादी सोच और सुशासन के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
अपने संबोधन में भाजपा नेताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी सरलता, सादगी और दूरदर्शी नेतृत्व से देश को नई दिशा दी। वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे और उनके कार्यकाल में देश ने आर्थिक सुधार, आधारभूत संरचना और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की।

अटल जी के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पोखरण परमाणु परीक्षण, तथा पड़ोसी देशों के साथ शांति प्रयासों को विशेष रूप से याद किया गया। उन्होंने राजनीति में संवाद, सहमति और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने अटल जी के कवि हृदय का भी उल्लेख किया। वे केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि और विचारक थे, जिनकी रचनाओं में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना और जीवन दर्शन स्पष्ट झलकता है। उनका प्रसिद्ध कथन “हम जिएंगे तो ऐसे कि इतिहास में मिसाल बने” आज भी युवाओं को प्रेरणा देता है।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने अटल जी के दिखाए मार्ग पर चलने, राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि रखने और उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर अटल जी को नमन किया।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने न केवल अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन और विचारों को स्मरण कराया, बल्कि नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने का कार्य भी किया।




